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Sexual harassment, physical, verbal , financial, emotional abuse


18-Dec-2025 (In Criminal Law)
कई वर्षों से मुझे अपने परिवार द्वारा शारीरिक,मानसिक,मौखिक,आर्थिक हिंसा झेलनी पड़ी है। मुझे थप्पड़ मारे,मुक्कों से पीटा,बाल खींचे कई बार बेहोशी तक हुई। मासिक धर्म के दौरान भी बुनियादी ज़रूरतें नहीं दी गईं। मेरे साथ यौन उत्पीड़न हुआ बिना सहमति के जबरन चूमना शरीर के निजी हिस्सों को अनुचित रूप से छूना। पैसे रोके गए और मेरी शिक्षा, नौकरी व स्वतंत्र रूप से रहने के फैसलों को दबाया। मैं वयस्क हूँ, फिर भी शिकायत करने पर मुझे धमकाया जा रहा है सहायता नहीं मिल रही।मुझे तत्काल सुरक्षा और कानूनी मदद चाहिए।
Answers (5)

Answer #1
691 votes
आपके विरुद्ध बहुत ही गंभीर अपराध कार्य किए गए हैं जिनको पुलिस के द्वारा अपने थाने में एफआईआर दर्ज कर विपक्षियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए लेकिन कारण कोई भी हो अगर जो फिर अभी तक दर्ज नहीं हुई है तो आप तुरंत अपना प्रार्थना पत्र तैयार करके अपने सारे समस्या जो भी विपक्षीय गण है जिन्होंने आपके विरुद्ध अपराधिकारी किए गए हैं उन सभी का नाम उन सभी के नाम थाने में फिर अवश्य दर्ज कारण उसके बाद उसे पर कार्यवाही अवश्य होगी अगर जो फिर भी किन्हीं कर्म से कार्यवाही नहीं होती है तो आप न्यायालय के शरण में जा सकती हैं
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Answer #2
798 votes
आप अपने इलाके के किसी सम्मानित अधिवक्ता से तत्काल संपर्क कर ले आप पे किए जा रहे उत्पीड़न घरेलू हिंसा की श्रेणी में आता है और इस मामले में कानून बहुत सख्त है इसमें आपको आपके घर में सुरक्षित रहने का अधिकार प्राप्त है
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Answer #3
716 votes
जैसा कि आपने बताया कि आप अपने परिवार द्वारा आप पर किए जा रहे अत्याचार, प्रताड़ना व हिंसा झेल रही हैं और आप अपनी मर्जी से जीवन व्यतीत नहीं कर पा रही हैं। ऐसे में आपको बिल्कुल भी डरने की आवश्यकता नहीं है। संविधान हमें पूर्ण स्वतंत्रता देता है कि हम किसी से भी डरे बिना जैसे चाहें अपना जीवन विधिक रूप से व्यतीत कर सकते हैं। परिवार द्वारा आपसे हिंसक व अत्याचारी बर्ताव पूरी तरह से गैर कानूनी है। आप को चाहिए कि तुरंत पुलिस की सहायता लें। ऐसी स्थिति में पुलिस आपकी पूर्ण रूप से सहायता करेगी। फिर आप किसी विधिक परामर्शदाता से संपर्क कर उचित कानूनी कार्यवाही कर सकतीं हैं।
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Answer #4
900 votes
आपके द्वारा बताए गए तथ्यों से यह स्पष्ट है कि आपके साथ लंबे समय से गंभीर शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं यौन उत्पीड़न किया गया है, जो कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। आप वयस्क हैं और आपको संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत सम्मानपूर्वक व स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार है। इस प्रकार की हिंसा के विरुद्ध आप स्थानीय पुलिस थाने में FIR दर्ज करा सकती हैं। यदि पुलिस सहयोग न करे तो आप महिला आयोग, जिला मजिस्ट्रेट, SSP/SP अथवा न्यायालय में धारा 156(3) CrPC के अंतर्गत प्रार्थना पत्र दे सकती हैं। घरेलू हिंसा अधिनियम, IPC की संबंधित धाराएँ तथा IT/महिला सुरक्षा कानून आपके संरक्षण हेतु उपलब्ध हैं। आपकी तत्काल सुरक्षा, अलग निवास, संरक्षण आदेश एवं कानूनी सहायता दिलाया जाना आवश्यक है।
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Answer #5
555 votes
सबसे पहले यह स्पष्ट कर दूँ — जो आपके साथ हुआ है वह गंभीर अपराध है, और इसे “पारिवारिक मामला” कहकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। आप वयस्क हैं, और आपके साथ हुई शारीरिक, मानसिक, यौन और आर्थिक हिंसा कानूनन पूरी तरह से दंडनीय है। आपकी बातों से यह साफ है कि यह केवल घरेलू तनाव नहीं है, बल्कि इसमें शामिल हैं: • लगातार शारीरिक मारपीट और बेहोशी तक की स्थिति • मासिक धर्म के दौरान बुनियादी सुविधाओं से वंचित करना • बिना सहमति यौन उत्पीड़न • पैसों पर नियंत्रण और शिक्षा/नौकरी से रोकना • शिकायत करने पर धमकी देना यह स्थिति तत्काल सुरक्षा (Immediate Protection) की माँग करती है। कानून आपको यह अधिकार देता है कि: • आपको सुरक्षित स्थान मिले • हिंसा रोकने का आदेश (Protection Order) मिले • दोषियों को आपसे दूर रहने का निर्देश हो • आर्थिक सहायता और चिकित्सा सुरक्षा सुनिश्चित हो लेकिन एक बात बहुत ज़रूरी है — गलत तरीके से या गलत मंच पर शिकायत करने से मामला कमज़ोर हो सकता है, और कई बार पीड़िता पर ही दबाव बढ़ जाता है। इसलिए आपको अभी जो चाहिए, वह है: ✔ सही कानूनी मंच ✔ सही धाराओं में कार्यवाही ✔ आपकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाली रणनीति ✔ ऐसा तरीका जिससे आप पर और खतरा न बढ़े मैं ऐसे मामलों को संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ संभालता हूँ, और आवश्यकता होने पर ऑनलाइन माध्यम से भी पूरी कार्यवाही शुरू कराई जा सकती है, ताकि आपको कहीं जाने या जोखिम लेने की ज़रूरत न पड़े। आपकी स्थिति को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह मामला तुरंत और सही ढंग से उठाना ज़रूरी है। यदि आप चाहें, तो आप मुझसे सीधे संपर्क करें। मैं आपकी पूरी बात सुनकर आपको सुरक्षित और कानूनी रास्ता बताऊँगा। Adv. Vaibhav Sangam Mishra High Court | Sangam & Sagar Law Office LLP
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