LawRato

IN ABSENCE OF BATWARA LEKH FAMILY MEMBER CAN LOCKED THE HOUSE ?


13-Jul-2026 (In Property Law)
मेरे पिता का निधन 2013 में और माँ का 2011 में हुआ था, लेकिन घर अभी भी मेरे स्वर्गीय पिता के नाम पर है। ऐसी स्थिति में, क्या परिवार का कोई सदस्य घर के एक हिस्से पर ताला लगा सकता है? हम दो भाई थे, लेकिन मेरे छोटे भाई का निधन 31.12.2025 को हो गया और अब तक कोई बंटवारानामा (partition deed) नहीं बना है; अब उनकी विधवा ने घर के एक हिस्से पर ताला लगा दिया है। इसलिए मैं जानना चाहता हूँ कि क्या उन्हें घर के एक हिस्से पर ताला लगाने का अधिकार है? इसके लिए क्या कानूनी प्रक्रियाएँ हैं?
Answers (5)

Answer #1
934 votes
Aap partition suit file kre stay application ke sath (injunction application) .Father ke bad bhi property par sabhi varisano ka adhikar aur haq avem hissa barabar ka hai. Koi bhi lock nahi laga sakta .Death certificate ,Legal heir documents ,registry ya sale deed zaruri hai case ke liye.
Helpful? LawRato LawRato
Answer #2
816 votes
चुकी आपके माता पिता का निधन पूर्व में ही हो गया है तो उनके नाम की सभी प्रॉपर्टी पर आपका नाम चड़वाने के लिए पहले आपको नामन्त्रण करवाना होगा उसके बाद ही उस मकान या विवादित प्रॉपर्टी पर आपका नाम आयेगा। उसके बाद अगर आपके भाई की विधवा ने उस मकान पर बिना बटवारे के आपकी बिना सहमति के ताला लगा कर कब्जा कर लिया है तो आप इसके विरुद्ध न्यायालय में जा सकते है।
Helpful? LawRato LawRato
Answer #3
765 votes
आपके द्वारा बताए गए तथ्यों के अनुसार यदि मकान आपके स्वर्गीय पिता के नाम पर है तथा आज तक उसका विधिवत बंटवारा (Partition) नहीं हुआ है, तो संपत्ति सभी वैधानिक उत्तराधिकारियों की संयुक्त (Joint) एवं अविभाजित संपत्ति मानी जाएगी। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 8, 9 एवं अनुसूची के अनुसार पिता की मृत्यु के पश्चात सभी Class-I उत्तराधिकारियों को समान अधिकार प्राप्त होते हैं। आपके छोटे भाई के निधन के बाद उसकी विधवा को भी उसके हिस्से पर उत्तराधिकार का अधिकार प्राप्त हो सकता है, किंतु उसे संपूर्ण मकान या अन्य सह-स्वामियों के अधिकारों पर एकतरफा नियंत्रण स्थापित करने का अधिकार नहीं है। बिना विभाजन डीड अथवा सक्षम सिविल न्यायालय की डिक्री के किसी एक सह-स्वामी द्वारा घर के किसी हिस्से पर ऐसा ताला लगाना, जिससे अन्य सह-स्वामियों के वैध उपयोग एवं प्रवेश में बाधा उत्पन्न हो, विधिसम्मत नहीं माना जाएगा। ऐसी स्थिति में आप विभाजन वाद (Partition Suit), स्थायी एवं अनिवार्य निषेधाज्ञा (Permanent & Mandatory Injunction) तथा Order XXXIX Rules 1 & 2, CPC के अंतर्गत अंतरिम राहत हेतु आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। यदि जबरन कब्जा या शांति भंग की आशंका हो तो पुलिस एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष भी उचित शिकायत की जा सकती है।
Helpful? LawRato LawRato
Answer #4
552 votes
यदि आपके पिता का निधन बिना वसीयत (Will) के हुआ था, तो उनकी संपत्ति सभी वैध उत्तराधिकारियों में संयुक्त रूप से निहित हो जाती है। जब तक विधिवत बंटवारा (Partition) नहीं हो जाता, तब तक कोई भी सह-स्वामी किसी विशेष हिस्से पर अपना एकाधिकार स्थापित नहीं कर सकता और न ही दूसरे सह-स्वामियों को उस हिस्से के उपयोग से वंचित कर सकता है। अतः यदि आपके छोटे भाई की विधवा ने एकतरफा तरीके से घर के किसी हिस्से पर ताला लगाकर आपको उससे वंचित किया है, तो यह विवाद का विषय है। आप पहले कानूनी नोटिस भेज सकते हैं तथा आवश्यकता होने पर सिविल न्यायालय में विभाजन (Partition), कब्जा (Possession) एवं स्थायी/अंतरिम निषेधाज्ञा (Permanent/Temporary Injunction) के लिए वाद दायर कर सकते हैं। कृपया यह भी बताएं कि संपत्ति पैतृक है या आपके पिता द्वारा स्वयं अर्जित (self-acquired) थी और वर्तमान में कब्जा किसके पास है।
Helpful? LawRato LawRato
Answer #5
726 votes
आपके भाई की विधवा इस तरह से ताला लगाकर आपके अधिकार का उलंखन कर रही है यदि मकान का बटवारा अभी तक नहीं हुआ है तो इसके लिये संबंधित तहसील या नगर पालिका,नगर निगम में कानून की प्रक्रिया के अंतर्गत विधिवत बटवारा के लिए अर्जी दाखिल करनी पड़ेगी जो आपके नजदीकी जिला न्यायालय में revenue ya civil के एडवोकेट से संपर्क करना पढ़ सकता है । धन्यवाद
Helpful? LawRato LawRato

Disclaimer: The above query and its response is NOT a legal opinion in any way whatsoever as this is based on the information shared by the person posting the query at lawrato.com and has been responded by one of the Divorce Lawyers at lawrato.com to address the specific facts and details.

Report abuse?

Comments by Users

No Comments! Be the first one to comment.

"lawrato.com has handpicked some of the best Legal Experts in the country to help you get practical Legal Advice & help."