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बिना मीटर के घरेलू बिजली कनेक्शन पर FIR के सम्बन्ध में


22-Aug-2025 (In Criminal Law)
क्या 25 बर्ष पुराने घरेलू बिजली कनेक्शन जो कि unmetered है इलीगल है या बिजली चोरी माना जाएगा, क्या ऐसे उपभोक्ता पर बिजली विभाग बिजली चोरी का मुकदमा दायर कर सकता है मीटर लगवाने के सम्बन्ध में कभी कोई नोटिस उपभोक्ता नहीं जारी किया गया था न ही विभाग से कभी कोई मीटर लगाने आया
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Answer #1
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देखिए बिना मीटर के बिजली के सरकारी बिजली का इस्तेमाल जुर्म है। बिजली अधिनियम के अंतर्गत इसे संगीन अपराध माना गया है। बिजली विभाग इस बिजली चोरी के खिलाफ थाने में कंप्लेंट भी कर सकता हैं और जुर्माना भी वसूल सकता है। आप को चाहिए कि आप फौरन अपने वकील से मिलकर उन्हें सारी बात बताएं और इस मसले का हल निकालें।
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Answer #2
507 votes
समाधान / उपाय • उपभोक्ता को चाहिए कि वह लिखित रूप से विभाग से अनुरोध करे कि मीटर लगाकर नियमित बिलिंग शुरू करें ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो। • यदि विभाग बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज करता है तो उपभोक्ता को अदालत में यह साबित करना होगा कि कनेक्शन विभाग से ही विधिवत मिला था और अब तक विभाग ने मीटर लगाने का दायित्व नहीं निभाया। • ऐसे मामलों में अदालतें सामान्यतः उपभोक्ता के पक्ष में सहानुभूतिपूर्वक रुख अपनाती हैं क्योंकि उपभोक्ता विभाग की लापरवाही का दोषी नहीं है। ⸻ निष्कर्ष यह है कि 25 साल पुराने घरेलू unmetered कनेक्शन को स्वतः “बिजली चोरी” नहीं माना जा सकता। जब तक उपभोक्ता ने अवैध रूप से बिजली नहीं खींची है, उस पर आपराधिक कार्यवाही असंगत होगी।
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Answer #3
662 votes
जी हां कर सकता है पर यदि आप ने कभी कोई एप्लिकेशन विभाग में दे रखी है तो आप को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि बिजली मूलभूत आवश्यकता है जिसके बिना इंसान नहीं रह सकता ऐसे में बचाव किया जा सकता है कुछ रकम देके सेटलमेंट कर ले तो बेहतर होगा
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Answer #4
970 votes
25 साल पुराने unmetered घरेलू कनेक्शन को अपने आप में सीधे बिजली चोरी नहीं कहा जा सकता। लेकिन आज की पॉलिसी के अनुसार हर उपभोक्ता पर मीटर होना अनिवार्य है। विभाग कई बार पुराने कनेक्शन को आधार बनाकर उपभोक्ता पर चोरी का आरोप लगाकर मुकदमा भी दर्ज कर देता है – जबकि गलती उनकी ही लापरवाही की होती है, क्योंकि न उन्होंने मीटर लगाया, न कभी नोटिस दिया। यहीं पर मैं आपकी मदद कर सकता हूँ। मेरे पास ऐसे मामलों को घर बैठे ऑनलाइन सिस्टम और कानूनी टूल्स से उठाने की व्यवस्था है – चाहे वह ऑनलाइन शिकायत, लीगल नोटिस, या सीधे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करना हो। High Court से आप तुरंत राहत ले सकते हैं ताकि विभाग आपको परेशान न कर सके और सही तरीके से मीटर लगाकर कनेक्शन नियमित करे। इस प्रक्रिया को मैं आपके लिए पूरी तरह ऑनलाइन और घर बैठे मैनेज कर सकता हूँ। आपको कहीं भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी और विभाग पर कानूनी दबाव तुरंत बनेगा। अगर आप चाहते हैं कि आपका मामला बिना किसी डर और झंझट के हल हो, तो मुझसे सीधे संपर्क करें। Adv. Vaibhav Sangam Mishra High Court, Uttar Pradesh Contact:
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