Challange 125 interim order passed by family court in favour of wife
Challange 125 interim order passed by family court in favour of wife
10-Jun-2023 (In Divorce Law)
wife is educated academic and professional qualification both. In shapath patra given by wife it is mentioned that wife has plot agriculture land and doing farming of wheat. It is also mentioned in shapath patra that husband having 60 lakh FD which is false.. but family court did not consider facts produced by husband even mot asked wife about false shapath patra..And pass interim order of 20000 monthly for wife and son both.. husband salary is 70000. Husband paying 40000 emi p.l. &other expens
हिंदू कानूनों के तहत रखरखाव
क्या पत्नी अपने पति से भरण-पोषण का दावा कर सकती है? हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत भरण-पोषण पत्नी को अपने पति से भरण-पोषण का दावा करने के अधिकार के रूप में प्रदान किया जाता है।
एक पत्नी अपने पति के खिलाफ भारत में अधिनियम के तहत रखरखाव का मामला दायर कर सकती है जब वह आर्थिक रूप से खुद को बनाए रखने में असमर्थ होती है।
गुजारा भत्ता देने से पहले अदालत पति की वित्तीय स्थिति और पत्नी के पति से अलग होने के कारण पर विचार करेगी।
हालांकि, एक पत्नी जो व्यक्तिगत कानूनों के तहत भरण-पोषण का दावा करती है, आपराधिक प्रक्रियात्मक कानूनों के तहत भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती है।
भारत में हिंदू कानून या परिवार कानून पत्नी, बच्चों, वृद्ध माता-पिता और विधवा बेटी या बहू के भरण-पोषण के अधिकार को मान्यता देता है।
वैवाहिक कानूनों के तहत, यदि पति पत्नी के साथ सहवास करने के लिए तैयार है, तो पत्नी का भरण-पोषण का दावा खारिज कर दिया जाता है।
हालांकि, एक हिंदू पत्नी हिंदू दत्तक ग्रहण और रखरखाव अधिनियम, 1956 के तहत अपने रखरखाव के दावे को छोड़े बिना अपने पति से अलग रहने की हकदार है।
अधिनियम में कुछ स्थितियों की परिकल्पना की गई है जिसमें एक पत्नी के लिए पति के साथ निवास करना और सहवास करना असंभव हो सकता है, लेकिन वह बढ़ते बच्चों से लेकर सामाजिक कलंक तक विभिन्न कारणों से वैवाहिक बंधन को तोड़ना नहीं चाहेगी।
एक गलत धारणा है कि एक कामकाजी महिला भरण-पोषण का दावा करने की हकदार नहीं है क्योंकि वह कमा रही है और इस प्रकार खुद को बनाए रखने में सक्षम है।
भारतीय अदालतों ने एक कामकाजी महिला के भरण-पोषण के अधिकार को मान्यता दी है और माना है कि एक अलग रह रही महिला अपने पति से रखरखाव का दावा कर सकती है, भले ही वह मासिक आय अर्जित करती हो, जो उसके लिए खुद को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं है।
इस प्रकार, भारत में पारिवारिक कानून के तहत, एक कमाने वाली पत्नी भारत में रखरखाव कानूनों के तहत भरण-पोषण की हकदार है। शीर्ष पारिवारिक वकील भारतीय रखरखाव प्रणाली और केस कानूनों की पूरी प्रक्रिया में आपकी सहायता और मार्गदर्शन करने में मदद करेंगे।
you can challenge the maintenance order if your wife is earning or having any other source of income.. you have remedy available to challenge the order in higher court....produce the document in support to consider your liabilities...for further discussion do contact
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