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Defamation case on वाइफ in matrimonial case


03-Apr-2026 (In Criminal Law)
मैरी वाइफ ने दहेज़ के case मै 164 के बयान मै चाचा के लड़के पर रेप का case लगाया था jabki police ने chargesheet केवल 498a and dp act मै लगाई jabki डाइवोर्स case 13 b मै लिखी कि वाइफ सारे case वापिस लेगी jabki डाइवोर्स के case मै मेरे and वाइफ के सिग्नेचर है चाचा के लड़के का नहीं है to क़्या चाचा का लड़का मानहानि का case कर सकता है
Answers (5)

Answer #1
611 votes
yes your brother can avail the appropriate legal remedies pertaining to the frivolous and baseless allegations alleged by your wife yes he can file in the appropriate court warm regards Rahul Kumar Singh advocate
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Answer #2
834 votes
अगर चाचा के लड़के के खिलाफ झूठा rape का आरोप लगाया गया था और इससे उसकी reputation को नुकसान हुआ है, तो वह defamation का case (IPC 499/500) कर सकता है। लेकिन यह तभी मजबूत होगा जब वह साबित कर सके कि आरोप झूठे, दुर्भावनापूर्ण (malicious) और बिना आधार के लगाए गए थे। ध्यान देने वाली बात: सिर्फ chargesheet में नाम न आना अपने आप में defamation साबित नहीं करता। 164 का बयान judicial statement होता है, इसलिए court यह भी देखेगा कि उस समय शिकायत bona fide थी या नहीं। कम से कम फीस में संपर्क करें।
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Answer #3
972 votes
hello sir, so you have filed a mutual divorce and know your wife is not quashing the previous case after mutual divorce even after signing the MOU. it can be executed and withdrawn by filing case first dealing with rape case is important. did he get arrested or can be arrested. secondly, quashing the case previously filed. you can contact me. then it will be easy to get clearer image
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Answer #4
504 votes
हां, चाचा का बेटा पत्नी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर सकता है। आपराधिक और नागरिक मानहानि दोनों के मामले दर्ज किए जा सकते हैं।आपराधिक मानहानि के मामले में वह पत्नी के कारावास की मांग कर सकता है।नागरिक मानहानि के मामले में वह मुआवजे की मांग कर सकता है।
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Answer #5
934 votes
आपके द्वारा बताए गए तथ्यों के अनुसार, आपकी पत्नी ने धारा 164 CrPC के बयान में आपके चाचा के लड़के पर रेप का आरोप लगाया था, जबकि पुलिस ने जांच के बाद केवल 498A और दहेज अधिनियम में ही चार्जशीट दाखिल की है और रेप का आरोप आगे नहीं बढ़ाया गया। ऐसी स्थिति में, यदि यह साबित किया जा सके कि आरोप झूठे और बेबुनियाद थे तथा जानबूझकर किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से लगाए गए थे, तो आपके चाचा का लड़का मानहानि (Defamation) का मामला दायर कर सकता है। हालांकि, यहाँ यह समझना आवश्यक है कि धारा 164 CrPC के अंतर्गत दिया गया बयान न्यायिक कार्यवाही का हिस्सा होता है, इसलिए ऐसे बयानों पर सीधे मानहानि का दावा करना कुछ हद तक जटिल होता है, क्योंकि उन्हें सीमित रूप से विशेषाधिकार (privileged communication) प्राप्त होता है। यदि यह स्थापित किया जा सके कि शिकायत दुर्भावना से की गई थी और पूरी तरह झूठी थी, तो संबंधित व्यक्ति मानहानि के साथ-साथ झूठा आरोप लगाने से संबंधित अन्य कानूनी उपाय भी अपना सकता है। डाइवोर्स केस में यह उल्लेख कि पत्नी सभी केस वापस लेगी, अपने आप में आरोपों को झूठा सिद्ध नहीं करता, लेकिन यह एक सहायक परिस्थिति के रूप में उपयोग किया जा सकता है। अतः, आपके चाचा का लड़का मानहानि का मामला दायर कर सकता है, परंतु उसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह यह सिद्ध कर सके कि आरोप जानबूझकर झूठे और दुर्भावनापूर्ण थे। सुझाव है कि आगे की कार्यवाही से पूर्व सभी संबंधित दस्तावेजों की विधिवत कानूनी समीक्षा कराई जाए।
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Disclaimer: The above query and its response is NOT a legal opinion in any way whatsoever as this is based on the information shared by the person posting the query at lawrato.com and has been responded by one of the Divorce Lawyers at lawrato.com to address the specific facts and details.

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