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3 वर्ष शादी को हुए मेरी पत्नी दो महीने का प्रेग्नेंट थी


28-Feb-2026 (In Criminal Law)
मैं पत्नी अपने साथ रहना चाहता लेकि न पत्नी के पापा दीदी मायके में रखे थे बेटा पैदा हुआ मेरे से बिना बताए उसको नदी में फेंक दिया अब तलाक लेना चाहती है उसर दहेज उत्पीड़न भरद पोषण का मुकदमा कर दिया है अब पत्नी भी मेरे साथ नहीं रहना चाहती है क्या मैं दूसरे कोर्ट से विदाई के आवेदन कर सकता हु
Answers (5)

Answer #1
656 votes
आपकी स्थिति गंभीर है। आप पत्नी को वापस बुलाने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 (RCR) के तहत मुकदमा दायर कर सकते हैं। बच्चे से जुड़ी घटना और झूठे दहेज केस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जरूरत है। इस मामले में विस्तृत कानूनी रणनीति बनाने और ठोस बचाव के लिए आप मुझसे पेड कंसल्टेशन (Paid Consultation) ले सकते हैं। हम कॉल या मीटिंग पर आपके सबूतों पर चर्चा कर सकते हैं ताकि आपको न्याय मिल सके। सादर, एडवोकेट सुदेश LLB AND LLM High Court and other Courts
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Answer #2
718 votes
आपकी स्थिति भावनात्मक और कानूनी दोनों रूप से बहुत जटिल है। शांत रहकर रणनीतिक कदम उठाना आवश्यक है। पहली बात स्पष्ट समझिए यदि आपकी पत्नी स्वयं आपके साथ रहना नहीं चाहती, तो किसी “दूसरे कोर्ट” से सीधा विदाई का आदेश लेना सामान्यतः संभव नहीं होता। अदालत जबरदस्ती साथ रहने का आदेश practically लागू नहीं कराती। अब कानूनी विकल्प समझिए: Restitution of Conjugal Rights (धारा 9) आप Hindu Marriage Act, 1955 की धारा 9 के तहत दांपत्य अधिकार पुनर्स्थापन (RCR) का वाद दायर कर सकते हैं। इसमें आप कोर्ट से निवेदन करते हैं कि पत्नी बिना उचित कारण अलग रह रही है, इसलिए उसे वैवाहिक जीवन में वापस आने का निर्देश दिया जाए। लेकिन ध्यान रखें: यदि पत्नी स्पष्ट रूप से मना कर दे और बाद में एक वर्ष तक साथ न रहे, तो यही आदेश भविष्य में तलाक का आधार भी बन सकता है। यदि दहेज उत्पीड़न / भरण-पोषण का मुकदमा चल रहा है तो आपको मजबूती से बचाव करना होगा: • अपनी आय का वास्तविक विवरण दें • पत्नी के आरोपों का साक्ष्य सहित खंडन करें • यदि वह स्वेच्छा से अलग रह रही है, तो इसे रिकॉर्ड पर लाएँ बच्चे के संबंध में गंभीर आरोप आपने कहा कि बेटा पैदा हुआ और आपको बिना बताए उसे नदी में फेंक दिया गया। यह अत्यंत गंभीर आपराधिक आरोप है। यदि यह सत्य है, तो: • FIR की स्थिति जांचें • पोस्टमार्टम / अस्पताल रिकॉर्ड देखें • यदि अपराध हुआ है तो यह धारा 302 / 304 आदि के तहत गंभीर मामला हो सकता है बिना साक्ष्य के सार्वजनिक आरोप न लगाएँ। पहले रिकॉर्ड देखें। क्या “दूसरे कोर्ट” से विदाई संभव है? नहीं। आपको उसी Family Court में उचित वाद दायर करना होगा जहाँ विवाह क्षेत्राधिकार बनता है (जहाँ विवाह हुआ, अंतिम बार साथ रहे, या पत्नी रह रही है)। आपके सामने वास्तविक विकल्प ये हैं: • RCR दायर कर प्रयास करें (यदि सच में साथ रहना चाहते हैं) • या परिस्थिति देखते हुए आप स्वयं तलाक का वाद दायर करें (क्रूरता के आधार पर) • साथ-साथ 498A / भरण-पोषण केस में मजबूत बचाव करें सच कहूँ तो, यदि पत्नी स्पष्ट रूप से साथ नहीं रहना चाहती और आप पर आपराधिक मामले लगा दिए गए हैं, तो पहले अपनी कानूनी सुरक्षा प्राथमिकता बनाइए, भावनात्मक निर्णय बाद में लें। यदि आप चाहें तो बताएं: विवाह को कितने वर्ष हुए 498A / DV / 125 CrPC केस कहाँ चल रहा है क्या FIR दर्ज है बच्चा जन्म का कोई रिकॉर्ड है फिर मैं आपको स्पष्ट और ठोस रणनीति बता दूंगा कि RCR करना आपके हित में है या नहीं।
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Answer #3
545 votes
Ha aap apne district se vidhayi ka mukadma kar sakte h aur ladki jaunpur ki h to yaha ke mukadme me aap apni baat rkhva sakte aap ko koi vidhik sayata ya mukadme me vakil karna h to aap ka case mai lad sakti hu aap humse sampark kriye
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Answer #4
976 votes
यदि आपकी पत्नी आपके साथ रहने के लिए तैयार नहीं है और आपके खिलाफ दहेज उत्पीड़न या भरण-पोषण का मामला दर्ज कर चुकी है, तो सबसे पहले आपको उन मामलों में कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखना होगा। जहां तक पत्नी को साथ रखने का प्रश्न है, आप वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना (Restitution of Conjugal Rights) के लिए परिवार न्यायालय में याचिका दायर कर सकते हैं। हालांकि यदि आपकी पत्नी स्वयं आपके साथ रहने के लिए इच्छुक नहीं है, तो केवल विदाई का आदेश व्यावहारिक रूप से लागू कराना कठिन हो सकता है। यदि आपके ऊपर लगाए गए आरोप झूठे हैं तो उनके खिलाफ आप अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करके अपना बचाव कर सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि किसी अनुभवी फैमिली लॉ अधिवक्ता से मिलकर अपने मामले की पूरी जानकारी देकर उचित कानूनी कदम उठाएं, ताकि आपके अधिकारों की रक्षा हो सके।
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Answer #5
596 votes
आप बिल्कुल विदाई का मुकदमा कर सकते हो लेकिन उसके लिए सबसे पहले आपको यह सोचना पड़ेगा क्या उसने अभी तक आपके खिलाफ कोई मुकदमा किया है अगर किया है तो आप उन्हें मुकदमे में यह चीज डिफेंस करें और अगर आप रखना चाहते हैं तभी विदाई दाखिल करे
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