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आरटीई अधिनियम 2009 के उल्लंघन के लिए


23-Sep-2025 (In Civil Law)
समाजहित मेें जो अधिवक्ता फ्री मेें या कम पैसे के खर्चों मेें जनहित याचिका दायर करते है वो सम्पर्क करे 7906786830 पर। मैं स्वयं अभी छात्र हूं व समाजहित में कार्य करता हूं। अलीगढ़ जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा कार्यालय, थाना बन्नादेवी पुलिस प्रशासन के विरुद्ध कार्रवाई करने में लापरवाही एवं ब्लू बर्ड स्कूल अलीगढ़ के विरुद्ध आरटीई अधिनियम 2009 के उल्लंघन के लिए जनहित याचिका दायर करवानी है। धन्यवाद
Answers (3)

Answer #1
762 votes
प्रिय विद्यार्थी, आपने जिस विषय में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने की बात कही है—चाहे वह जिला प्रशासन की लापरवाही हो, पुलिस प्रशासन की कार्यवाही में ढिलाई हो या फिर ब्लू बर्ड स्कूल अलीगढ़ द्वारा RTE Act 2009 का उल्लंघन—यह एक गंभीर और समाजहित से जुड़ा मुद्दा है। ऐसी याचिकाएँ सिर्फ दाखिल करने भर से असरदार नहीं होतीं। High Court तक इसे सही ढंग से प्रस्तुत करना, ठोस सबूत और कानूनी प्रावधानों के साथ पेश करना बेहद जरूरी है। गलत ड्राफ्टिंग या अधूरी याचिका पूरे मामले को कमजोर बना देती है। मैं नियमित रूप से Allahabad High Court, Lucknow Bench और अन्य न्यायालयों में समाजहित से जुड़े मामलों पर पैरवी करता हूँ और आपके जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन / ई-फाइलिंग के ज़रिये, घर बैठे ही सही कानूनी रास्ता उपलब्ध कराता हूँ। अगर आप चाहते हैं कि आपका PIL सिर्फ दाखिल न होकर परिणाम भी दे, तो मुझसे तुरंत संपर्क करें। यह मामला सीधा जनहित और प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा है, और इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। Best Regards, Adv. Vaibhav Sangam Mishra Director & Attorney – Sangam & Sagar Law Office LLP (Watermark: Sangam & Sagar Law Office LLP)
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Answer #2
827 votes
आपके द्वारा उठाया गया विषय वास्तव में जनहित से जुड़ा हुआ है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) के अंतर्गत सभी विद्यालयों को निर्धारित प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। यदि किसी संस्था या प्रशासन द्वारा इसमें लापरवाही की जाती है तो इस पर न्यायालय द्वारा जनहित याचिका (PIL) दायर की जा सकती है। PIL दाख़िल करने से पहले आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं: 1. संबंधित विभाग (जैसे जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक) को लिखित शिकायत देकर उसकी रसीद प्राप्त करें। 2. यदि निर्धारित समय में कोई कार्यवाही न हो, तो यह स्पष्ट रूप से दर्शाएगा कि प्रशासनिक लापरवाही है। 3. इसके आधार पर आप हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर सकते हैं। PIL के लिए आपको सभी साक्ष्य (दस्तावेज़, पूर्व में की गई शिकायतें, समाचार कटिंग आदि) संलग्न करने होंगे। जनहित याचिकाएँ सामान्यत: समाजहित के मामलों में होती हैं और न्यायालय इसमें याचिकाकर्ता की निजी लाभ की बजाय सार्वजनिक हित देखता है। यदि आपकी याचिका सही तथ्यों पर आधारित है तो इसे अदालत गंभीरता से लेगी। आप चाहें तो विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA/State Legal Services Authority) से भी फ्री लीगल एड प्राप्त कर सकते हैं। यह संस्था आर्थिक रूप से कमज़ोर व्यक्तियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराती है।
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Answer #3
633 votes
Aapki query samajhne ke baad main aapko yeh salah dunga ki जनहित याचिका (PIL) दायर करने के लिए आप सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। RTE Act, 2009 के उल्लंघन से संबंधित मामले, जैसे कि स्कूल द्वारा निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का पालन न करना या जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा कार्रवाई में लापरवाही बरतना, जनहित का विषय है। क्या आप चाहेंगे कि मैं आपको PIL का एक ड्राफ्ट फॉर्मेट भी बना दूँ, जिसे आप हाईकोर्ट में फाइल कर सकें?
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Disclaimer: The above query and its response is NOT a legal opinion in any way whatsoever as this is based on the information shared by the person posting the query at lawrato.com and has been responded by one of the Divorce Lawyers at lawrato.com to address the specific facts and details.

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